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 कोरोना वायरस इस समय दुनिया के लिए सबसे बड़ा सर दर्द बना हुआ है। दुनिया का हर एक देश कोरोना वायरस को हराने का भरसक प्रयास कर रहा है लेकिन अभी तक किसी को भी कोरोना के खिलाफ जंग में सफलता नहीं नसीब हुई है। दुनिया के सभी आधुनिक देश अपनी तरफ से पूरी कोशिश कर रहे हैं कि कोरोना वायरस के खिलाफ कोई अच्छी एवं असरदार वैक्सीन का निर्माण करें
लेकिन किसी भी देश को अभी तक सफलता नहीं मिली है। कोरोना वायरस ने भारत को भी अपने गिरफ्त में ले लिया है।  

भारत में रोजाना लगभग 1 लाख कोरोना के केस रजिस्टर हो रहे हैं। सरकार के अनेकों प्रयास के बावजूद देश में कोरोना का संक्रमण लगातार बढ़ता जा रहा है। हालांकि कोरोना वायरस के कारण भारत में मृत्यु दर और देशों के मुकाबले में काफी कम है लेकिन इसके बावजूद देश में रोजाना लगभग एक हजार लोग इस खतरनाक संक्रमण की वजह से अपनी जान गवां रहे हैं।  

भारत में लोगों के लिए राहत की बात यह है कि भारत में कोरोना वायरस से रिकवरी रेट 78% के आसपास है जो कि किसी और आधुनिक देश के मुकाबले में बहुत अच्छा है। भारत में अगर रोजाना 1 लाख नए कोरोना केस मिलते हैं तो दूसरी तरफ 1 लाख से ज्यादा लोग ठीक होकर अपने अपने घर को वापस भी लौटते हैं। भारत में अब तक 45 लाख कोरोना के मरीज मिल चुके हैं लेकिन
आश्चर्यजनक आंकड़ा यह है कि इसमें से लगभग 37 लाख लोग स्वस्थ होकर अपने अपने घरों को लौट चुके हैं।  

अब आप सभी सोच रहे होंगे कि आखिर भारत का रिकवरी रेट इतना अच्छा क्यों है। सबसे पहली वजह जिसकी वजह से भारत का रिकवरी इतना अच्छा है वह यह है कि भारत के लोगों की इम्युनिटी काफी स्ट्रांग है। यह बात पूरे विश्व में साबित हो चुकी है कि जिस भी व्यक्ति की इम्युनिटी स्ट्रांग है वह कोरोना वायरस को आसानी से हरा सकता है। और अगर बात की जाए भारतीय लोगों की तो और सभी देशों के मुकाबले में भारतीय लोगों की इम्युनिटी काफी अच्छी होती है। इसी वजह से भारत में लोग आसानी से कोरोना वायरस को मात दे पा रहे हैं।  

दूसरी वजह यह है कि भारत में मौजूद हर एक क्वॉरेंटाइन सेंटर में लोगों को थेरेपी की मदद से कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाया जा रहा है। ना सिर्फ कोरोना वायरस बल्कि थेरेपी की मदद से पिछले काफी सालों में लोगों ने कई बड़ी बड़ी बीमारियों को मात दी है। आज हम आपको बताएंगे कि आखिर किस तरह से कोविड-19 के दौरान थेरेपी की मदद से आप अपनी इम्युनिटी बढ़ा सकते हैं।  

सबसे पहले आपको यह जानना होगा कि आखिर थेरेपी होती क्या है। हम सभी जानते हैं कि जब भी किसी को कोई बीमारी होती है तो सबसे पहले लोग डॉक्टर को दिखा कर उस बीमारी की दवा लेते हैं। आयुर्वेद या फिर एलोपैथी दोनों ही प्रकार की दवाओं से लोगों को आराम महसूस होता है। लेकिन एक इलाज है ऐसा भी है जिसमें आपको दवा की कोई आवश्यकता नहीं होती और उस इलाज को ही थेरेपी कहा जाता है। थेरेपी के दौरान लोगों को दवा का अल्टरनेटिव बताया जाता है।  

कई बार तो ऐसा देखने को मिला है कि कुछ बीमारियां ऐसी होती हैं जिनका दवा से इलाज संभव नहीं हो पाता लेकिन थेरेपी की मदद से उस बीमारी का इलाज ढूंढा गया है। थेरेपी के दौरान लोगों को अलग-अलग चीजों के बारे में बताया जाता है। योग और एक्सरसाइज जैसी चीजें थेरेपी में ही शामिल है। आम शब्दों में कहें तो थेरेपी के द्वारा शरीर के उस महत्वपूर्ण अंग पर प्रभाव डाला जाता है जिसको की हमें किसी भी प्रकार के रोग से मुक्त करना होता है। योग और एक्सरसाइज की मदद से हम कई बीमारियों को हरा सकते हैं। 

दुनिया के बहुत से मशहूर योग गुरुओं ने भी योग की ताकत के बारे में हमें बताया है। अपने जीवन में हमने कई ऐसे लोगों को देखा होगा जिन्होंने योग की मदद से बहुत ही खतरनाक बीमारियों को हराया है। न सिर्फ योग बल्कि थेरेपी की मदद से इंसान को आत्मिक शांति का भी अनुभव होता है। शरीर के कई लोग ऐसे होते हैं जो कि व्यस्त जीवनशैली के कारण शरीर में उत्पन्न हो जाते हैं। इसी व्यस्त जीवन से छुटकारा पाने के लिए लोग कभी-कभी थेरेपी का सहारा लेते हैं। थेरेपी की मदद से व्यक्ति को शांति का अनुभव होता है और वही शांति व्यक्ति के शरीर में मौजूद समस्या को भी दूर कर देती है।  

 

अब बात करते हैं कि आखिर किस तरह से हम थेरेपी की वजह से कोरोना वायरस को भी मात दे सकते हैं। दरअसल कोरोना वायरस एक ऐसा संक्रमण है जो कि कमजोर इम्युनिटी वाले व्यक्ति को काफी परेशान करता है। ऐसे में महत्वपूर्ण है कि व्यक्ति अपने शरीर की इम्युनिटी को मजबूत रखे। अगर व्यक्ति की इम्युनिटी मजबूत है तो अगर उसको कोरोना संक्रमण हो भी जाएगा तो वह व्यक्ति बहुत जल्द उस संक्रमण से उभर सकता है।  

 

दुनिया को अभी भी कोरोना के खिलाफ स्थिर वैक्सीन की तलाश है। वैक्सीन न होने के बावजूद भी लोग कोरोना को हरा पा रहे हैं क्योंकि थेरेपी उनकी मदद कर रही है। थेरेपी की मदद से लोगों से वह चीजें कराई जा रही है जिसकी वजह से उनकी इम्यूनिटी पर प्रभाव पड़ा है और उनकी इम्यूनिटी मजबूत बन रही है। थेरेपी के दौरान व्यक्तियों के खान पान पर भी ध्यान दिया जाता है। व्यक्तियों को सिर्फ वही खाने-पीने की आवश्यकता होती है जिससे उनकी इम्युनिटी पर असर हो और उनकी इम्यूनिटी मजबूत बने।  

भारत में बने हर क्वॉरेंटाइन सेंटर पर इसी प्रकार से लोगों की मदद की जा रही है। लोगों को वही खाने पीने को दिया जा रहा है जिससे कि उनका फायदा हो और उनकी इम्यूनिटी मजबूत हो। और यही एक वजह है कि भारत में लोग कोरोनावायरस को आसानी से हरा पा रहे हैं। अगर आप भी चाहते हैं कि आपकी इम्युनिटी इतनी मजबूत हो कि कोरोना वायरस भी आपका कुछ न बिगाड़ सके तो आज से घर में थेरेपी शुरू कर दीजिए। 

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