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आजकल भाग दौड़ से भरी जिंदगी में किसी भी व्यक्ति को जीवन के किसी भी मोड़ पर किसी भी प्रकार की शारीरिक समस्या का सामना करना पड़ सकता है। छोटी मोटी बीमारियों से तो लोग खुद को बचा सकते हैं लेकिन कभी कभी ऐसा होता है कि ज्यादा लापरवाही के कारण व्यक्ति के शरीर में एक बड़ी बीमारी घर बना लेती है और उस बीमारी के कारण शरीर के महत्वपूर्ण अंगों पर भी बुरा असर पड़ता है। तो ऐसे में यह अत्यंत आवश्यक है कि हम उस खतरनाक बीमारी से जितनी जल्दी से जल्दी हो सके दूर हो लें क्योंकि अगर हम ऐसे करने में असफल रहेंगे तो आगे चलके वो बीमारी हमारे शरीर और हमारे जीवन के लिए हानिकारक बन जाएगी। 

दोस्तों आज हम बात करने जा रहे हैं किडनी सम्बंधित समस्याओं के बारे में। जैसा कि हम सभी जानते हैं कि किडनी हमारे शरीर के महत्वपूर्ण अंगों की सूची में सबसे ऊपर आता है, इसलिए किडनी को स्वस्थ रखना हर व्यक्ति का प्रथम कर्तव्य होना चाहिए। हम सभी लोगों को यह पता है कि किडनी का काम शरीर की गंदगी को दूर करना है। किडनी हमारे शरीर के खून को साफ रखती है। किडनी हमारे शरीर के अंदर के दूषित पदार्थों को बाहर निकालने की क्रिया को अंजाम देती है।

परंतु दोस्तों अगर जीवन के किसी भी मोड़ पर हमारी किडनी में कोई समस्या होती है तो इसका असर सीधा हमारे शरीर के बाकी अंगों पर भी पड़ता है। किडनी में किसी भी समस्या का सीधा मतलब यह है कि हमारे शरीर की गंदगी को बाहर करने वाला अंग सही से काम नहीं कर रहा है। यानी कि शरीर के अंदर मौजूद दूषित पदार्थ शरीर से बाहर नहीं जा पाएंगे। और यही दूषित पदार्थ शरीर में मौजूद रहकर हमारे शरीर के बाकी अंगों को नुकसान पहुंचाने का काम करते हैं।

परंतु दोस्तों कभी कभी ऐसा होता है कि हमारी किडनी की समस्याएं इतनी अत्यधिक बढ़ जाती है जिसके कारण हमारी किडनी फेल हो जाती है और किडनी फेलियर की वजह से हमारा शरीर धीरे-धीरे कमजोर होने लगता है। शारीरिक कमजोरी का सीधा असर हमारे शरीर के बाकी के अंगों पर पड़ता है और हम किसी भी काम को अच्छी तरह से करने में असफल रहते हैं। कमजोरी की वजह से हमारे शरीर में दिनभर आलसपन बना रहता है और हमारे अंदर स्फूर्ति कमी आ जाती है। कभी-कभी तो ऐसा भी होता है कि हम कमजोरी में अगर कोई काम कर भी लेते हैं तो उसकी वजह से हमारे शरीर के कुछ अंगों में दर्द का अनुभव होने लगता है। और यह दर्द धीरे-धीरे समय के साथ बढ़ता ही जाता है। 

दोस्तों आज हम आपको बताएंगे किडनी में हुई समस्याओं के दौरान शरीर में उत्पन्न हुई कमजोरी और दर्द से हम किस प्रकार खुद को दूर रख सकते हैं। हम आज जो नुस्खे आपको बताने जा रहे हैं वह बहुत ही कामयाब और कई लोगों द्वारा आजमाए हुए हैं। आयुर्वेद में काफी सालों के सफल प्रयत्न के बाद इन सभी तरीकों को इजाद किया गया है। यदि आप भी चाहते हैं कि आपके शरीर में किडनी के बीमारी की वजह से उत्पन्न हुई कमजोरी का निवारण सही से हो तो कृपया नीचे दिए गए तरीकों को अपने जीवन में अपनाएं। 

ताजे फल एवं सब्जी का सेवन करें-

हरी सब्जियां और फलों को अपनी डायट में शामिल करने की सलाह अक्सर आयुर्वेदिक चिकित्सक के द्वारा दी जाती है। ये चीजें न केवल हमें मिनरल और विटामिन जैसे आवश्यक पोषक तत्व प्रदान करते हैं, बल्कि उन लोगों की मदद करते हैं, जो अपना वजन घटाना चाहते हैं। फलों में विटामिन-सी, कार्बोहाइड्रेट और रेशे होते हैं, जो मांसपेशियों में ताकत लाते हैं। अगर व्यायाम के बाद फलों के जूस का सेवन किया जाए तो शरीर को जल्द आराम मिलता है।

आयुर्वेदिक जड़ी बूटियों का सेवन करें-

प्रकृति के द्वारा दिए गए अनेक तोहफों में से आयुर्वेदिक जड़ी बूटियां अनमोल है। एनर्जी बूस्टर और शरीर को दिनभर ऊर्जावान बनाए रखने के लिए आयुर्वेद में ऐसी बहुत सारी जड़ी बूटी है जिसका कोई भी व्यक्ति इस्तेमाल कर सकता है। आयुर्वेदिक जड़ी बूटियों की खास बात यह है कि अगर आप इन जड़ी बूटियों का इस्तेमाल करते हैं तो इनका कोई भी साइड इफेक्ट शरीर पर देखने को नहीं मिलता है यह जड़ी बूटियां सिर्फ और सिर्फ व्यक्ति के शरीर को फायदा पहुंचाने का काम करती हैं। 

तुलसी, लहसुन, दालचीनी, अश्वगंधा, अदरक, शतावरी जैसी हजारों जड़ी बूटियां आयुर्वेद में मौजूद है जो कि व्यक्ति के लिए एनर्जी बूस्टर का काम कर सकती है। इन जड़ी-बूटियों से जुड़ी सबसे खास बात यह है कि यह जड़ी बूटियां आपको कहीं भी प्राप्त हो सकती हैं। इन जड़ी-बूटियों को पाने के लिए आपको किसी प्रकार से पैसे को खर्च करने की आवश्यकता नहीं है। अगर कोई व्यक्ति चाहे तो वह अपने घर में भी इन सभी जड़ी बूटियों को उगा सकता है और इनको प्रयोग में ले सकता है।

दोस्तों हम जिन जड़ी बूटियों के बारे में आपको बता रहे हैं वह सिर्फ इसलिए खास नहीं है क्योंकि आयुर्वेद ने यह सिद्ध किया है कि यह जड़ी बूटियां एनर्जी बूस्टर के रूप में उपयोग की जा सकती हैं। बल्कि इन जड़ी बूटियों को इसलिए भी खास माना गया है क्योंकि इन्हीं जड़ी बूटियों का इस्तेमाल कर के आज तक लाखों करोड़ों लोगों ने खुद की शरीर की कमजोरी को दूर किया है। आयुर्वेद को अपना कर न जाने कितने लोगों ने अपने शरीर की ताकत को दोबारा पाया है। 

सिर्फ इतना ही नहीं दोस्तों आयुर्वेद ना सिर्फ आपको आपकी कमजोरी से छुटकारा दिलाता है बल्कि किडनी की समस्याओं का भी निवारण भी आयुर्वेद में आपको मिल सकता है। आयुर्वेद में किडनी की हर तरह की समस्या का इलाज मौजूद है। 

हमारी सलाह आप सभी के लिए यही है कि अगर आपको को भी किडनी की बीमारी की वजह से शारीरिक कमजोरी हो गई है तो कृपया फालतू की अंग्रेजी दवाओं को छोड़कर आयुर्वेदिक जड़ी बूटियों का उपयोग शुरू करें। हो ना हो बहुत जल्द आपको शरीर में परिवर्तन दिखाई देगा और आपको शरीर के अंदर स्फूर्ति भी महसूस होगी और आप भी रोगमुक्त और खुशहाल जिंदगी जी सकेंगे।

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